सोमवार, 18 अगस्त 2014

प्यार के भाव ६ अगस्त २०१४

मेरी यह पंक्तियां एक नवयुवक के उस प्यार के इजहार को इंगित करती है जो अपने प्यार के साथ जिंदगी बिताना चाहता है:-

मुझे मेरे यार प्यार चाहिए,
जिंदगी कर दी तेरे हवाले, बस तेरा ऐतबार चाहिए।

मैंने बितायें है दिन कई सौ तेरी चाह में,
हर पल रहता हूँ खोया-खोया तेरी राह में,
एक पल नजर तू आ जाये और क्या चाहिए।
मुझे मेरे यार प्यार चाहिए।१।

जब से देखा है मैंने तुझको ए दीदार-ए-सनम,
आस तकता हूँ मैं तेरी होगा तेरा करम,
चकोर को मिल जायें चाँद,उसे ओर क्या चाहिए।
मुझे मेरे यार प्यार चाहिए।२।

चाहता हूँ चलना तेरे साथ मेरे हमदम,
अकेला हूँ जिंदगी के सफर में,ना उठते कदम,
अगर साथ हो जायें तेरा मेरे हमनवाँ और क्या चाहिए।
मुझे मेरे यार प्यार चाहिए।३।

दर्शं हो तेरा हर शाम और सवेरे,
बन्धन में बँध जायें कोई हो ऐसा इल्म,
साथ हो जायें तेरे फेरे साथ और क्या चाहिए।
मुझे मेरे यार प्यार चाहिए।४।

कापीराईट सर्वाधिकार सुरक्षित :- पुष्पेन्द्र सिँह मलिक "नादान"

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