गुरुवार, 8 अगस्त 2024
आज के वैश्विक प्रदृश्य के दृष्टिगत जिसमें विनेश फोगाट को ऑलंपिक से बाहर होना तथा शेख हसीना का भारत शरण पर दिनाँक ०८ अगस्त २०२४
रविवार, 10 मार्च 2024
माॅं की याद– दिनाँक १० मार्च २०२४
मंगलवार, 13 फ़रवरी 2024
राष्ट्रीय महिला दिवस १३ फ़रवरी २०२४
शुक्रवार, 26 जनवरी 2024
अंग्रेज़ी नव वर्ष क्यों मनायें? दिनाँक २६ जनवरी २०२४
सोमवार, 21 अगस्त 2023
नाग पँचमी दिनाँक २१ अगस्त २०२३
बुधवार, 28 जून 2023
समझ आदमी के लिये दिनाँक २९ जून २०२३
पिता दिनाँक १८ जून २०२३
वहीं ज़मीं मेरी वहीं मेरा आसमान है,
वहीं है खुदा मेरा वहीं मेरा भगवान है।।
नींद अपनी भुला के सुलाया हमको,
आँसू अपने सुखा के हँसाया हमको,
देकर सर्वस्व जिसने भुलाया स्वयं को,
पिता ही तो हैं जिसने हर ख़ुशी से मिलाया हमको,
पिता के बिना जिन्दगी विरान है,
सफ़र तन्हा और राह सुनसान है,
वहीं था जमीं मेरी वहीं आसमां है,
वहीं है खुदा मेरा वहीं मेरा भगवान है।।
रविवार, 18 जून 2023
आज की हकीकत (कड़वा सच) दिनाँक १० मई २०२३
शनिवार, 3 जून 2023
इन्सान और आदमी दिनाँक ०३ जून २०२३
बुधवार, 10 मई 2023
आज की हक़ीक़त (कड़वा सच) दिनाँक १० मई २०२३
मंगलवार, 25 अप्रैल 2023
किसी के प्यार में दिनाँक १९ जुलाई २०१७
हम तो बताते रहे, वो समझे कहाँ हमारी बात,
वो समझदार थे ज्यादा, हम बेकार जज्बाती थे यार।।
उल्फत में भी उनको सीने में समाये रखा,
प्यार की बाते उनसे यूँ ही कह ना पाये यार।।
जबसे उनसे बात हुई वो अपने से ज्यादा अपने लगने लगे,
मुलाकात का वक्त मुक़र्रर न हुआ वो मुलाकातों में आने लगे यार।।
यूँ हर दम वो साथ है मेरे पर परछाई नजर नही आती,
वो रात बहुत हसीन हुई, जब से सपनों में वो आने लगे यार।।
सोमवार, 24 अप्रैल 2023
चाहत गीत – प्रेमी की चाहत में दिनाँक २२ अप्रैल २०२१
शनिवार, 18 मार्च 2023
सफ़र एक आईने से दिनॉक १९ मार्च २०२३
शुक्रवार, 17 मार्च 2023
जिन्दगी एक नजर में दिनॉक १७ मार्च २०२३
सोमवार, 12 सितंबर 2022
मानव सेवा हेतु दिनांक १० सितम्बर २०२२
मैंने भी जलाई है ज्योति,
तुम रस बिखराओ तो सही,
इश्क़ भले अधूरा रह जाये,
प्यार होगा पूरा समर्पण का प्रण
निभाओ तो सही ।।
राह देखती है निगाहें गाहे–बघाये,
नज़र में आओ तो भान हो दिखे झलक ही सही
गलत सही का भेद समय बताता है,
जज़्बात सलामत कर कदम बढ़ाओ तो सही ।।
कर्म की गति बड़ी न्यारी है बड़ी प्यारी,
होगा प्रकाश जरूर दिया जलाओ तो सही,
पाप–पुण्य सब यही हैं पता चलेगा,
जीवन के दर्शन में एक बार नहाओ तो सही ।।
जीव तो जीव है प्यार करो अपनी जगह,
सदैव मंत्र रहा हमारा अतिथि देवो: भाव:,
भूल को भूलकर आत्मा को गुरुत्व कर,
बाल को पालकर मानव बनाओ तो सही ।।
रविवार, 12 जून 2022
नर और नारी जड़ चेतन दिनाँक १२ जून २०२२
शुक्रवार, 11 मार्च 2022
चोर खुद ही मचाता शोर दिनाँक १२ मार्च २०२२
मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022
शर्म, दिनाँक २३ फरवरी २०२२
खानदान की कीमत पता चलती है हुस्न-ए-सलूक से,
अदब का हर पहलू इससे है, नजरों में थोड़ी हया कीजिये ।।
शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2022
सरस्वती आराधना - बसन्त पञ्चमी दिनाँक ०५ फ़रवरी २०२२
वर्तमान इंसान दिनाँक ०४ फरवरी २०२२
शख्सियतों ने किरदार के कई रंग, चेहरे पर चढ़ा रखे हैं,खिलाड़ी हैं जो मंजे हुये, बदलने को पाला मैदान बचा रखे हैं ।।
दोगली फ़ितरत में, अहम के किरदार सज़ा कर,
कभी तेरे कभी मेरे बन, बीच फ़ासले बना रखे हैं ।।
कब कौन धोखा दे जाये, ये कौन जानता हैं,
लेकिन धोखा वहीं देते है, जो तूने अपने बना रखे हैं ।।
प्यारी आँखों की हया कैसे मरी, जो खोजने चलों,
बेशर्म किरदार कि परछाई के पीछे भी किरदार नज़र आते हैं ।।
द्वंद्व है धुंध है अहम की, हाथ को हाथ दिखता नहीं,
दीप जलाकर देखना, पीठ मुखौटे के चेहरे नज़र आते हैं ।।
मुकम्मल है "नादान" बहुत सीधा है भोला-भाला है,
मतलब के लिये लोग, जब-तब नीच घर पानी भर आते हैं ।।